संदेश

नवंबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मकानों में कैद मिले पांच हजार साल पुराने मंदिर

वाराणसी के मकानों में कैद मिले पांच हजार साल पुराने मंदिर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर! पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर के काम के तहत अधिग्रहित भवनों के तोड़े जाने के दौरान हैरान करने वाली तस्वीरे सामने आ रही हैं। जिसमें चंद्रगुप्त काल से लगायत मंदिरों सहित हजारों साल से दुनिया के लिये गुम हो चुके प्राचीन मंदिर निकलकर सामने आ रहें हैं। दुनिया की अनप्लांड और सबसे प्राचीन जीवंत नगरी काशी के गर्भ में कई इतिहास दफ़्न हैं। ऐसे ही कई इतिहास विश्वनाथ कारीडोर योजना में निकलकर के अब सामने आ रहे हैं। बहुत से ऐसे ऐसे प्राचीन मंदिर इस कॉरिडोर के बनने के बाद सामने आये हैं, जिन्‍हें हजारों साल से भुलाया जा चुका है। श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर के मुख्यकार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह की माने तो कुछ मंदिर उतने ही पुराने मिल रहे हैं जितनी पुरानी काशी नगरी के होने का अनुमान इतिहासकार लगाते हैं। मिले हैं कई मंदिर: दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी मानी गई काशी यूं ही पुरानी नहीं है, इसकी प्रमाणिकता एक बार तब फिर साबित हुई है, जब एक से बढ़कर एक खूबसूरत नक्काशी वाले, शिल्प कला क...

वर्तमान कांग्रेस कि सच्चाई

कांग्रेस के मालिक या कहे कि कर्ता धर्ता रौल विंची उर्फ राहुल गांधी ने अपने को दत्तात्रेय गोत्र का कौल ब्राह्मण बताया है, ये बड़ी ही विचित्र और हास्यास्पद बात है कि भला एक मु...

विदेशी लेखक ने हमारी आंखें खोली !

1 9 51 का हिंदू धार्मिक और Charitable Endowment  अधिनियम राज्य सरकारों और राजनेताओं को हजारों हिंदू  मंदिरों को लेने और उनके और उनके गुणों पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने की अनुमति देता है। ऐसा दा...

दिवाली या दीपावली Festival of Lights.

चित्र
भारत में 'शरद ऋतु' का प्रारम्भ यानि पर्व त्यौहारो के मौसम का प्रारम्भ l शरद ऋतु के आगमन के साथ ही भारत में "दिवाली" या दीपावली सबसे बड़े पर्व के रूप में मनाया जानेवाला त्यौहार है l...

धनतेरस पर्व कि शुरुआत कैसे हुई?

भारत देश विविधताओं से भरा है, तभी तो यहाँ हरेक 10 KM की दुरी पर कुछ न कुछ नया देखने को मिलता है l भारत देश सांस्कृतिक रूप से बहुत धनी है, इस देश मे न जाने कितने पर्व त्यौहार मनाये जाते हैँ l उन्ही मे से एक महत्वपूर्ण एवं सर्वाधिक धूमधाम से मनाया जानेवाला पर्व है दिवाली का, और दिवाली से ठीक पहले धनतेरस मनाया जाता है, जो की छोटी दिवाली से एक दिन पहले पड़ता है l जिसे हम धन्वंतरि जयंती और यम पुजा के नाम से भी जानते हैँ l इस बार का धनतेरस 5 नवम्बर को यानि मंगल वार को है l ऐसा मानते हैँ की कार्तिक कृष्णपक्ष की त्रयोदसी को भगवान धन्वन्तरि का जन्मदिन है इसलिए इसी दिन धनतेरस मनाया जाता है l कहीं कहीं तो धन के देवता कुबेर कि भी पुजा कि परंपरा है l जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारे संस्कृति में स्वास्थ्य का स्थान धन से ऊपर माना जाता है l एक कहावत भी है कि, "पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख घर में माया" तभी तो दिवाली में धनतेरस का विशेष महत्त्व है l   कहते हैँ की समुद्र मंथन से 16 महारत्नों कि प्राप्ति हुई थी, उन्हीं मे से एक धन्वन्तरि भी थे l जब भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे तो उनके हाथ ...