दिवाली या दीपावली Festival of Lights.
भारत में 'शरद ऋतु' का प्रारम्भ यानि पर्व त्यौहारो के मौसम का प्रारम्भ l शरद ऋतु के आगमन के साथ ही भारत में "दिवाली" या दीपावली सबसे बड़े पर्व के रूप में मनाया जानेवाला त्यौहार है l दिवाली या दीपावली अर्थात "प्रकाश का पर्व" रौशनी का त्यौहार l यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय के रूप में मनाया जाता है l दिवाली का पर्व अज्ञान पे ज्ञान निराशा पे आशा की विजय को भी दर्शाता हैं l "दीपावली" अर्थात दीपों की आवली या शृंखला, मतलब जगमगाते दीपों की माला l उपनिषद में कहा गया है 'तमसो मा ज्योर्तिगमय' अर्थात अँधेरे से ज्योति प्रकाश की ओर जाय l इसे दीपोत्सव भी कहा जाता है l इसके उत्सव में हमलोग मंदिर, घर-आँगन गली मोहल्ले दुकान, बाजार को दीपों कि लड़ियो से सुसज्जित करते हैं l नये कपड़े, आभूषण एवं कई तरह की वस्तुएं खरीदते हैं l यह पर्व धार्मिक, सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है l इस दिन माँ लक्ष्मी की पुजा की जाती हैं, ताकि हमें धन, वैभव, स्वास्थ्य एवं सुख की कभी कमी न हो l
भारत में इस पावन पर्व को करीब करीब सभी धर्मों के लोग मनाते हैं, खासकर हिन्दु, जैन, बौद्ध एवं सिख लोग विशेष प्रकार एवं धूमधाम से मनाते हैं l
ऐसा माना जाता है कि जब भगवान श्री रामचंद्र 14 वर्ष का वनवास काट कर इसी दिन को अयोध्या वापस लौटे थे l जब राजा राम अयोध्या लौटे तो अयोध्या वासियों कि ख़ुशी का ठिकाना न था, जिससे प्रफुल्लित हो कर श्रीराम के स्वागत में सम्पूर्ण अयोध्या को दीपों से सजाया गया था l तब से लेकर आजतक भारत वर्ष में यह दिन दिवाली के रूप में मानते हैं l वहीँ ऐसा भी माना जाता हैं की भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी नरकासुर नामक राक्षस का वध इसी तिथि को किया था, जिससे की जनता में आपार हर्ष व ख़ुशी फैल गई और प्रश्नता में लोगों ने घी के दिए जलाये थे l तभी से यह दीपों का पर्व दीपावली मनाते हैं l
एक दूसरी कथा में ये उल्लेख मिलता हैं की भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण कर के हिरण्यकश्यप का वध किया थाl और ऐसा भी मानते हैं की इसी दिन समुद्र मंथन से माँ लक्ष्मी एवं धन्वंतरि प्रकट हुए थे l
दिवाली का महत्व
जैसा कि मैंने बताया कि दिवाली प्रकाश का पर्व है, और यह हमें नई ऊर्जा एवं जोस प्रदान करता है, इससे हमें यह सिख मिलती है कि हमारे जीवन में सुख-दुख आते रहता है परन्तु यह टिकता नहीं है इसलिए हमें वक्त कि दिशा में हमेशा भढ़ते रहना चाहिए l ना ही दुःख में धैर्य टूटना चाहिए और ना ही सुख में अभिमान करना चाहिए l दिवाली प्रकाश के साथ साथ स्वछता का भी त्यौहार है, कई सप्ताह पूर्व ही इसकी तैयारी की शुरुआत हो जाती है l लोग अपने अपने घरों एवं दुकानों की सफाई में लग जाते हैं साथ ही घरों की मरम्मत, रंग-रोगन एवं सफेदी का कार्य करने लग जाते हैं l जिनके दुकान हैं या अन्य व्यापारिक संस्थान हैं, वे लोग भी साफ सफाई के कार्य में लग जाते हैं, बाजारों में भी सजावट देखने को मिलती है l हर कोई चाहता है की दिवाली आने से पहले पूरी तरह से साफ-सफाई कर ले l
आर्थिक महत्त्व
हमारे देश में दिवाली पर्व का बहुत ही बड़ा आर्थिक महत्त्व है, यह पर्व भारत का सबसे बड़ा Shopping season है, इस समय लोग सोने चांदी के गहने, कार, मकान, महंगे आइटम, कपड़े एवं कई तरह के उपहार के सामान, बर्तन एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदते हैं, जैसे की TV, फ्रिज, मोबाइल इत्यादि, जिससे बाजार में खुब रौनक रहती हैं l मिठाई, कैंडी, साज सज्जा के सामान, और आतिशबाजी का बाजार भी अपने चरम पे होता हैं l इस त्यौहार पर खरीदारी को शुभ माना जाता हैं क्योंकि लक्ष्मी को धन, समृद्धि एवं निवेश की देवी के रूप में भी पूजते हैं l दिवाली का त्यौहार लक्ष्मी माता को भी समर्पित हैं, इसलिए घर, दुकान एवं कार्यालयों में लक्ष्मी माता की पुजा की जाती हैं l कहीं कहीं तो जुए खेलने का भी रिवाज़ हैं, लोग ऐसा विश्वास करते हैं की यदि वो जुए में जीत जाते हैं तो उनका luck पुरे साल उन्हें धनवान बनाने में साथ देगा l
सामाजिक महत्व
दिवाली भारत ही नहीं बल्कि नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, मॉरीशस, एवं उन तमाम देशो में मनाया जाता है जहाँ कहीं भी हिन्दु धर्म के लोग रहते हैं l इसी दिन से नेपाल नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है l अभी हाल ही में USA में दिवाली पे सरकारी अवकाश की घोषणा की गई थी जब Mr. ओबामा राष्ट्रपति थे l भारत में दिवाली का उतना ही महत्व है जितना पूरी दुनियां में क्रिश्मस का होता है l हिन्दु पंचांग के अनुसार प्राचीन काल से ही दिवाली को कार्तिक महीने में मनाया जाता है l तथा ग्रेगरियन कैलेंडर के अनुसार यह कभी अक्टूबर में तो कभी नवम्बर महीने में पड़ता है l
क्षेत्रीय आधार पर प्रथा और रीती रीवाज में बदलाव होता रहता है, इसीलिए कहीं पर केवल लक्ष्मी पूजन का विधान है तो कहीं पे लक्ष्मी माता के अलावा अन्य देवी देवताओं के पूजा का भी विधान है l
I request to all my readers to give your opinions about the Post I Shared. Diwali or Dipawali the Festival of Lights. Please leave your Comments here.
जवाब देंहटाएं